लवकुशनगर (छतरपुर), संजय अवस्थी/संदीप यादव। छतरपुर जिला पुलिस कप्तान (SP) रजत सकलेचा के कुशल निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत लवकुशनगर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र के अक्टोहा तिराहे पर हुई हत्या और हत्या के प्रयास (जानलेवा हमले) की सनसनीखेज वारदात का चंद दिनों में ही पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस खूनी वारदात में शामिल ८-८ हजार रुपये के चार इनामी आरोपियों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों में क्षेत्र का एक कुख्यात आदतन अपराधी और एक विधि विरुद्ध किशोर (नाबालिग) भी शामिल है। पुलिस की विशेष टीमों ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात के समय इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी पूरी तरह बरामद कर ली है, जबकि मामले में संलिप्त अन्य सात फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सरगर्मी से दबिश दी जा रही है। इस खूनी वारदात की पृष्ठभूमि और पुलिसिया तफ्तीश की बात करें तो यह पूरा मामला उधारी के रुपयों के लेनदेन से जुड़ा हुआ है। पुलिस से मिली प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, बीते २३ मई की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि अक्टोहा तिराहे पर कुछ बदमाशों ने खूनी संघर्ष करते हुए जानलेवा हमला किया है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में मिले घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद गंभीर रूप से जख्मी कृष्णकांत गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। वहीं इस हमले में बाल-बाल बचे दूसरे घायल सत्येंद्र राजपूत की लिखित रिपोर्ट पर तत्काल संज्ञान लेते हुए लवकुशनगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत हत्या और हत्या के प्रयास का आपराधिक मामला पंजीकृत किया था। पुलिस अभिरक्षा में लिए गए आरोपियों ने कड़ाई से की गई पूछताछ में कुबूल किया है कि उधारी के पैसों के पुराने विवाद को लेकर ही उन्होंने इस खूनी खेल को अंजाम दिया था।
मामले की संवेदनशीलता और क्रूरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने स्वयं घटनास्थल का सघन निरीक्षण किया था। आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उन पर ८-८ हजार रुपये के नगद इनाम की उद्घोषणा की गई थी और त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। जांच के दौरान एफएसएल (FSL) और डॉग स्क्वॉड की तकनीकी मदद से घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए, जिसके बाद पुलिस टीमों ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश देकर चार आरोपियों को अपनी अभिरक्षा में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विक्की उर्फ विवेक विश्वकर्मा (पिता बड्ढन उर्फ महेश विश्वकर्मा, निवासी- वार्ड क्रमांक १०, कंठी मोहल्ला, लवकुशनगर), बड्ढन उर्फ महेश विश्वकर्मा (पिता ठाकुरदीन विश्वकर्मा, निवासी- वार्ड क्रमांक १०, कंठी मोहल्ला, लवकुशनगर) और भारत द्विवेदी (पिता मत्तू उर्फ मनोज द्विवेदी, निवासी- वार्ड क्रमांक ६, चौरसिया मोहल्ला, लवकुशनगर) के रूप में हुई है, जिनके साथ एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए आरोपी आदतन और बेहद शातिर अपराधी हैं। इस वारदात का मुख्य सरगना भारत द्विवेदी इलाके का कुख्यात बदमाश है, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में पूर्व से ही चोरी, लूट, अवैध हथियार रखने और जानलेवा मारपीट जैसे गंभीर प्रकृतियों के कुल २५ आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरे सह-आरोपी विक्की विश्वकर्मा के खिलाफ भी मारपीट और एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट के तहत दो मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त तीन धारदार चाकू, लाठी और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली है।
इस अंधे कत्ल और जानलेवा हमले का त्वरित खुलासा करने वाली टीम में लवकुशनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अजय अंबे, हिनौता थाना प्रभारी उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह जाटव, जुझारनगर थाना प्रभारी उप निरीक्षक राजकुमार यादव, उप निरीक्षक अजय शाक्य, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक नेहा गुर्जर, उप निरीक्षक ज्ञान सिंह, अक्टोहा चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक सोहन संयाम, सहायक उप निरीक्षक राम प्रकाश, प्रधान आरक्षक अनीश, आरक्षक बलराम, उमेश, हिरदेश, विकास, देव सिंह, अनिल, राहुल, बनमाली, हरिशंकर, चांद खान, कुलदीप, राजू, नरेंद्र, ब्रजराज, महिला आरक्षक गीता और अपूर्वा सहित साइबर सेल, एफएसएल व डॉग स्क्वॉड टीम की सराहनीय व जांबाज भूमिका रही, जिनकी मुस्तैदी से यह बड़ी कामयाबी हासिल हुई है।

