नई दिल्ली। केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने देशवासियों को धन्वंतरि दिवस और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धनतेरस केवल धन और समृद्धि का पर्व नहीं, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को याद दिलाने का अवसर है।केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “मैं सभी देशवासियों को धन्वंतरि दिवस एवं दीपों के पर्व दीपावली की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। धनतेरस हमारे लिए केवल धन और समृद्धि का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति, यानी अच्छे स्वास्थ्य के महत्व की भी याद दिलाता है। मेरा मानना है कि यदि व्यक्ति स्वस्थ नहीं है, तो भौतिक सुख-सुविधाओं का वह पूरा आनंद नहीं ले सकता। इसलिए जैसा धन हमें चाहिए, उसी प्रकार हमें अपना स्वास्थ्य भी अच्छा रखने की आवश्यकता है।”

उन्होंने कहा कि धन्वंतरि को स्वास्थ्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। इसलिए अच्छे स्वास्थ्य के लिए हर घर में और हर संस्थान में धन्वंतरि पूजन होना चाहिए। यही हमारी परंपरा है और इसे हमें आगे बढ़ाना चाहिए।

लोगों की जीवनशैली में आयुष की भूमिका को लेकर केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव ने कहा कि आज हमारी जीवनशैली तेजी से बदल रही है। हमारा खान-पान बदल रहा है, हमारी दिनचर्या बदल रही है। खान-पान और दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ चुकी है और उसी वजह से जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां, जिन्हें हम गैर-संचारी रोग कहते हैं, बड़े पैमाने पर फैल रही हैं। सिर्फ हमारे देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया इससे जूझ रही है।

उन्होंने कहा कि हम देखते हैं कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, मोटापा, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, कैंसर, हृदय रोग और किडनी की बीमारियां बहुत बड़े पैमाने पर बढ़ रही हैं। ये सभी देशों की सरकारों के सामने एक बड़ी चुनौती हैं।

आयुष मंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से आयुष प्रणाली का उद्देश्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम करना है। हमारा आयुर्वेद और योग इसी दिशा में कार्य करते हैं। एलोपैथी किसी बीमारी के होने के बाद उसके उपचार का कार्य करती है, लेकिन बीमारी ही न हो, इसके लिए आयुर्वेद और योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं आपके माध्यम से लोगों को यह संदेश देना चाहता हूं कि आयुर्वेद और योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाइए, स्वस्थ रहिए और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से दूर रहिए। आयुर्वेद और योग हमें अच्छा आहार लेने, अच्छी दिनचर्या अपनाने और संतुलित जीवन जीने का संदेश देते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद का मूल सिद्धांत ही है-‘स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्’, अर्थात अपना स्वास्थ्य अच्छा रखना। हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य को अच्छा रखने का प्रयास करना चाहिए। यही जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से दूर रहने का सबसे अच्छा तरीका है।

प्रधानमंत्री भी आयुर्वेद और योग की काफी बात करते हैं और स्वयं भी उन्हें बढ़ावा देते हैं। आयुर्वेद और योग को लेकर पीएम मोदी के 2047 के लक्ष्य में आयुष मंत्रालय के योगदान को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का प्रयास है कि आयुष पद्धतियों का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचे। इसी दिशा में हमारा मंत्रालय निरंतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के माध्यम से हम आयुष सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। आज हमारे देश में साढ़े 12 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए जा चुके हैं। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों में आयुष सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने पर भी हमारा मंत्रालय विशेष जोर दे रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इतना ही नहीं, जो हमारे ग्लोबल स्टैंडर्ड के एम्स संस्थान हैं, उनमें भी आयुष विभाग स्थापित किए गए हैं, ताकि लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपचार की विभिन्न पद्धतियों का लाभ मिल सके। हमारा लक्ष्य है कि सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों तथा वे अपनी आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त चिकित्सा प्रणाली का लाभ उठा सकें। इस दिशा में प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में आयुष मंत्रालय बड़े पैमाने पर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि आज योग को 180 से अधिक देशों में मान्यता मिली है और करोड़ों लोग योग कर रहे हैं। लगभग 150 देशों में आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। हमारी पारंपरिक उपचार पद्धतियां और हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा हजारों वर्ष पहले की गई खोजें आज पूरी दुनिया अपना रही है और उन्हें मान्यता दे रही है।