टीकमगढ़, मोहसिन अहमद। जिले में फर्जी अंकसूची और संदिग्ध प्रमाण पत्रों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है। शिक्षा बोर्डों से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई अभ्यर्थियों ने गैर मान्यता प्राप्त संस्थाओं के दस्तावेज लगाकर सरकारी सेवा में प्रवेश पाने की कोशिश की।


जानकारी के मुताबिक, एमपी बोर्ड भोपाल की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि उनकी मान्यता प्राप्त संस्थाओं की सूची में “उर्दू एजुकेशन बोर्ड नई दिल्ली” और “बोर्ड ऑफ हायर एजुकेशन नई दिल्ली” जैसी संस्थाओं का कोई उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद इन संस्थाओं की अंकसूचियां और प्रमाण पत्र विभिन्न सरकारी भर्तियों में लगाए गए।


सूत्रों के अनुसार मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के बसनेरा निवासी भानकुवारी रैकवार का नाम भी जांच के दायरे में बताया जा रहा है। मामले में दस्तावेजों की गहन जांच जारी है और प्रशासनिक स्तर पर कई अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद बड़ा खुलासा हो सकता है।


प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो संबंधित नियुक्तियां निरस्त की जा सकती हैं। साथ ही आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसी गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।


मामले के सामने आने के बाद जिले में हड़कंप की स्थिति है। वहीं यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर गैर मान्यता प्राप्त बोर्डों के प्रमाण पत्रों के सहारे सरकारी तंत्र में इतनी बड़ी सेंध कैसे लग गई। अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।