इंदौर, रविकांत वर्मा। इंदौर में मंगलवार की जनसुनवाई में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भूमाफियाओं के सताए दर्जनों लोग अपनी फरियाद लेकर सीधे इंदौर कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के सामने जा पहुंचे। मारपीट, घरेलू हिंसा और लेन-देन के मामलों के बीच इस बार पश्चिमी क्षेत्र के कथित भूमाफिया जफऱ़ खान और अज्जू का मामला सबसे ज्यादा गरमाया रहा!


पीडि़तों का आरोप है कि इन शातिर भूमाफियाओं ने सरकारी जमीन पर ही अवैध कॉलोनी काट दी और मासूम लोगों को झांसा देकर प्लॉट बेच डाले।


नगर निगम द्वारा कुछ कॉलोनियों को वैध क्या किया गया, इन माफियाओं के दलालों ने इसे ही अपनी ढाल बना लिया।


दलाल और हिस्सेदार अब भी लोगों को यह झूठ बोलकर गुमराह कर रहे हैं कि उनकी कॉलोनी भी जल्द वैध होने वाली है, ताकि नए ग्राहकों को भी जाल में फंसाया जा सके!


साहब, जफऱ़ खान पर पहले ही दो बार रासूका की कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन इसके कारनामे थमने का नाम नहीं ले रहे!

हैरानी की बात यह है कि इतनी सख्त कार्रवाई के बाद भी इस गैंग का खौफ और ठगी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है और इनके शिकार होने वाले मासूमों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।


सभी पीडि़तों की आपबीती और दर्द सुनने के बाद कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि पूरे मामले की तहकीकात की जाएगी और दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द ऐसी सख्त कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी!