भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठनों और राज्य सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। शिक्षक संगठनों का विरोध अब उग्र रूप ले रहा है और उन्होंने अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले 27 सितंबर 2026 से भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है।


TET के फॉर्म नहीं भरेंगे शिक्षक

मोर्चे में शामिल सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि कोई भी शिक्षक TET का आवेदन पत्र नहीं भरेगा। उनका साफ कहना है कि जब तक सरकार TET की अनिवार्यता को समाप्त नहीं करती और प्रथम नियुक्ति की तारीख से वरिष्ठता लागू करने की उनकी मांग को नहीं मान लेती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।


धरने के लिए अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू

शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए पुलिस कमिश्नर से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके साथ ही, अलग-अलग जिलों और संभागों से शिक्षकों की भारी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है।


तमिलनाडु की तर्ज पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग

शिक्षक संगठनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि तमिलनाडु की तर्ज पर मध्य प्रदेश विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाए। इस सत्र में TET की अनिवार्यता को समाप्त करने के संबंध में एक प्रस्ताव पारित कर उसे केंद्र सरकार को भेजा जाए।


सरकार ने जारी की है गाइडलाइन

गौरतलब है कि 19 सितंबर को शिक्षा विभाग ने TET को लेकर नई गाइडलाइन जारी की थी। इसके अनुसार, RTE अधिनियम के तहत आयोजित TET पास नहीं करने वाले शिक्षकों के लिए यह परीक्षा देना अनिवार्य कर दिया गया है। परीक्षा के लिए आवेदन कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। शिक्षक संगठन लंबे समय से इस अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं। हाल ही में कई जिलों में इसके खिलाफ प्रदर्शन और सामूहिक उपवास भी किए गए हैं। अब 27 सितंबर से शुरू होने वाले अनिश्चितकालीन धरने से यह आंदोलन और तेज होने की संभावना है।