ऑस्ट्रिया। भारतीय रेसर कुश मैनी ने बीडब्ल्यूटी अल्पाइन एफ1 टीम के साथ एक और सफल फॉर्मूला 1 टेस्टिंग प्रोग्राम पूरा कर लिया है। ऑस्ट्रिया के प्रतिष्ठित रेड बुल रिंग सर्किट पर आयोजित इस दो दिवसीय टेस्ट में उन्होंने लगभग 200 लैप्स पूरे करते हुए करीब 850 किलोमीटर की ड्राइविंग की।

बीडब्ल्यूटी अल्पाइन एफ1 टीम के रिजर्व ड्राइवर का फॉर्मूला 1 कार के साथ यह हालिया अनुभव जैंडवोर्ट में हुए पिछले टेस्ट के बाद हुआ है। इससे समर ब्रेक के बाद मोंजा में एफआईए फॉर्मूला 2 में वापसी से पहले उनका मनोबल बढ़ा है।

मैनी ने टेस्टिंग प्रीवियस कार (टीपीसी) मशीन के साथ प्रोग्राम शुरू किया और बदलते मौसम के बीच पहले दिन 82 लैप पूरे किए। भारतीय ड्राइवर ने वेट, इंटरमीडिएट और सॉफ्ट टायरों का इस्तेमाल किया, क्योंकि सुबह ट्रैक गीला था और दिन चढ़ने के साथ मौसम शुष्क होता गया। उन्होंने दूसरे दिन 2025-स्पेसिफिकेशन वाली कार के साथ अपना प्रोग्राम जारी रखा; यही वह कार थी जिसे उन्होंने पिछले साल दिसंबर में अबू धाबी में आधिकारिक 'यंग ड्राइवर टेस्ट' के दौरान चलाया था।

शुष्क मौसम के कारण ज्यादा ड्राइविंग संभव हो पाई, जिससे कुश मैनी ने दूसरे दिन 500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की। इस तरह दो दिन के टेस्ट में उनकी कुल दूरी लगभग 850 किलोमीटर हो गई। यह टेस्ट अल्पाइन के 'यंग ड्राइवर प्रोग्राम' का हिस्सा है, जिसके तहत मैनी अल्पाइन एकेडमी के सदस्य के तौर पर फॉर्मूला 1 कार चलाने का अनुभव हासिल कर रहे हैं।

2026 एफ1 कार के साथ यह अनुभव मैनी के फॉर्मूला 2 कैंपेन के लिए एक अच्छे समय पर हुआ है। भारतीय ड्राइवर अभी एफआईए फॉर्मूला 2 ड्राइवर्स चैंपियनशिप में छठे स्थान पर हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी पिछली तीन रेसों में दो बार पोडियम फिनिश हासिल किया है।

इस शानदार फॉर्म की वजह से मैनी इस कैटेगरी में किसी भारतीय ड्राइवर द्वारा अब तक के सबसे अच्छे चैंपियनशिप फिनिश की दौड़ में बने हुए हैं। हालिया एफ1 टेस्ट सीजन के फिर से शुरू होने से पहले एक अहम तैयारी और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अनुभव साबित हुआ है। मैनी मोंजा में कॉम्पिटिटिव रेसिंग में वापसी करेंगे, जहां वे अपनी फॉर्मूला 2 चैंपियनशिप की चुनौती को आगे बढ़ाएंगे।