बालाघाट, रितेश सोनी। जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बालाघाट जिले के वनांचल ग्राम खंडापार में योजना की जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले घरों में नल कनेक्शन लगाए गए थे, लेकिन आज तक एक दिन भी इन नलों से पेयजल नहीं मिला। पानी की समस्या के चलते ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर दूर नाले से पानी लाना पड़ रहा है।


ग्रामीणों के अनुसार गांव में तीन हैंडपंप हैं, जिनमें से एक खराब है, जबकि अन्य दो से भी सीमित मात्रा में मटमैला पानी निकलता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन और सफाई नहीं की जा रही है। गांव के एकमात्र कुएं की सफाई भी नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे हालात में ग्रामीण दूषित पानी के इस्तेमाल को मजबूर हैं।


दक्षिण बैहर के वनांचल क्षेत्रों में संक्रामक बीमारी से बैगा बच्चों की मौत के मामलों के बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए टीमें तैनात की हैं। इसके बावजूद खंडापार में ग्रामीणों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पेयजल स्रोतों की जांच और जल जीवन मिशन के बंद पड़े नल कनेक्शनों को तत्काल चालू कराने की मांग की है।


गांव के प्राथमिक स्कूल में 40 से अधिक बच्चों के मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था भी एक महिला कर्मी के भरोसे बताई जा रही है। महिला के अनुसार उसे भोजन बनाने के लिए रसोई गैस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण उसे जंगल से सूखी लकड़ियां एकत्र कर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ता है। लगातार लकड़ी के धुएं में खाना बनाने से स्वास्थ्य पर असर पड़ने की बात भी महिला ने कही।


ग्रामीणों का कहना है कि उकवा माइंस द्वारा गांव को गोद लिए जाने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में अपेक्षित काम नहीं हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक CSR के तहत किसानों को अदरक-लहसुन के बीज उपलब्ध कराए गए, लेकिन पेयजल जैसी मूलभूत समस्या का समाधान नहीं हो सका।


अब खंडापार की महिलाओं ने नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम से गुहार लगाई है। महिलाओं का कहना है कि गांव में स्वच्छ पानी की व्यवस्था कराई जाए और करीब दो वर्षों से बंद पड़े नल कनेक्शनों को चालू कराया जाए, ताकि उन्हें नाले का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर न होना पड़े। ग्रामीणों ने पेयजल स्रोतों की जांच, हैंडपंपों की मरम्मत और स्कूल में गैस सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की है।