छतरपुर, संजय अवस्थी। वर्ष 2009-10 के दौरान रेलवे लाइन निर्माण के कारण विस्थापित होकर नया चंद्रपुरा में बसे लगभग 100 परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। मंगलवार को कांग्रेस नेत्री दीप्ति पांडे के नेतृत्व में लगभग एक सैकड़ा विस्थापित ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपा और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।


कांग्रेस नेत्री दीप्ति पाण्डेय ने बताया कि विस्थापन के बाद से ही वे सड़क, नाली, पानी, बिजली और आवासीय पट्टे जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। स्थिति यह है कि गांव का आधा हिस्सा नगर पालिका छतरपुर के वार्ड नंबर 17 में आता है और आधा हिस्सा ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया गया है, जिससे कागजी विसंगतियों के कारण विकास कार्य पूरी तरह ठप्प हैं।


जनसुनवाई के दौरान स्थानीय निवासी रोशनी रजक ने बताया कि क्षेत्र में न तो आवास की व्यवस्था है और न ही पट्टे की सुनवाई हो रही है। वहीं रोशनी और राधा प्रजापति ने बताया कि गांव में स्कूल न होने और दूर बने स्कूलों तक पहुंचने में बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने गांव में ही पास में स्कूल, नाली, पानी और पक्के रास्तों के निर्माण की मांग की है। मामले को गंभीरता से सुनते हुए कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि शिविर लगाकर कागजी विसंगतियों को दूर किया जाएगा। कांग्रेस नेत्री दीप्ति पांडे ने भी प्रशासन से मांग की है कि शिविर के माध्यम से इन विस्थापित परिवारों की समस्याओं का शीघ्र निवारण कर उन्हें न्याय प्रदान किया जाए।