छतरपुर/बमीठा, अशोक नामदेव। खर्रोही-बमीठा पहुंच मार्ग लंबे समय से बदहाल होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खर्रोही, धनुपुरा और चादऊआ सहित आसपास के गांवों के लोगों के लिए बमीठा का बाजार सबसे नजदीक है, लेकिन मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने से ग्रामीणों ने बमीठा आना-जाना लगभग छोड़ दिया है। अब उन्हें मजबूरी में राजनगर और खजुराहो के बाजार तक लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
बमीठा-खजुराहो हाईवे महज 3 किलोमीटर दूर
ग्रामीणों के अनुसार, खर्रोही से बमीठा-खजुराहो हाईवे की दूरी करीब 3 किलोमीटर है। वहीं खर्रोही से खजुराहो करीब 9 किलोमीटर और राजनगर करीब 12 किलोमीटर दूर है। खर्रोही-बमीठा पहुंच मार्ग खराब होने के कारण ग्रामीणों को अपनी जरूरत का सामान लेने के लिए तीन से चार गुना अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और परिवहन खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
रेलवे अंडरब्रिज के नीचे बना गहरा गड्ढा
खर्रोही-बेनीगंज बांध के बीच रेलवे अंडरब्रिज के नीचे स्थिति और भी खराब है। यहां सड़क पर बहुत गहरा गड्ढा बन गया है, जिसमें बारिश के बाद कीचड़ जमा हो जाता है। वाहन चालक आए दिन कीचड़ और गड्ढे में फंसकर गिरने का खतरा झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की तत्काल मरम्मत नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सिंचाई विभाग की जमीन होने से अटका डामरीकरण
बताया गया है कि बेनीगंज बांध क्षेत्र में करीब दो किलोमीटर सड़क सिंचाई विभाग के अधीन आती है। इसी वजह से अन्य विभाग इस पहुंच मार्ग का डामरीकरण नहीं करा पा रहे हैं। वहीं सिंचाई विभाग के पास पर्याप्त बजट नहीं होने के कारण सड़क की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।
प्रधानमंत्री सड़क योजना में शामिल करने की मांग
ग्रामीणों ने खर्रोही-बमीठा पहुंच मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल कर पक्की सड़क बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह मार्ग प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बन जाता है तो खर्रोही सहित आसपास के तीन-चार गांवों के लोगों को बमीठा बाजार तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी और आवागमन भी सुगम हो जाएगा। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से सड़क की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।




