इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपनी ही पार्टी की महिला पार्षद संध्या यादव के शारीरिक गठन पर की गई टिप्पणी के बाद चौतरफा घिरने पर बैकफुट पर आ गए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और विपक्षी हमलों के बीच मंगलवार को मंत्री विजयवर्गीय ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट किया है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर उनके पारिवारिक और आत्मीय भाव से दिए गए बयान को गलत तरीके से पेश कर राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।
'संध्या को बचपन में गोद में खिलाया, मन में कोई खोट नहीं': कैलाश विजयवर्गीय
मामला तूल पकड़ने के बाद जारी बयान में मंत्री विजयवर्गीय ने सफाई देते हुए कहा कि संध्या यादव उनके विधानसभा क्षेत्र की बेहद सक्रिय पार्षद हैं और उनके वार्ड में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा, संध्या यादव मेरी बेटी जैसी हैं और मैंने उन्हें बचपन में अपनी गोद में खिलाया है। न मेरे मन में कोई गलत भाव था और न ही संध्या के मन में। जिस तरीके से कांग्रेस ने इस सामान्य बातचीत को गलत संदर्भ में उठाकर पेश किया, उससे मुझे बेहद पीड़ा हुई है। यदि किसी को भी मेरे शब्दों से ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए खेद प्रकट करता हूँ।
पार्षद संध्या यादव ने बताया पिता-पुत्री का रिश्ता, भ्रामक बातों को नकारा
विवाद पर महिला पार्षद संध्या यादव ने भी स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति साफ की। उन्होंने मंत्री विजयवर्गीय को अपना पिता तुल्य बताते हुए कहा कि दोनों के बीच विशुद्ध रूप से पिता और पुत्री जैसा रिश्ता है। उन्होंने कहा, कैलाश जी हमारे अभिभावक हैं और उन्होंने मुझे बचपन से देखा और पाला है। कार्यक्रम के दौरान कही गई बात को गलत संदर्भ में प्रचारित किया जा रहा है। आमजन से मेरी अपील है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक और मनगढ़ंत बातों पर ध्यान न दें। पार्षद ने बताया कि यह कार्यक्रम वार्ड क्रमांक-6 में 7 करोड़ 10 लाख रुपये के विकास कार्यों के भूमिपूजन, पानी की टंकी और संजीवनी क्लीनिक के लोकार्पण का था, जिसमें सांसद शंकर लालवानी समेत तमाम जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मंच पर काम की तारीफ के बीच मयंक को देखकर कही थी बात
गौरतलब है कि रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने मंच से पार्षद के जुझारूपन की तारीफ करते हुए कहा था कि संध्या बहुत काम करती हैं, हालांकि कभी-कभार उन्हें गुस्सा आ जाता है क्योंकि महिलाओं पर घर और बाहर दोनों की दोहरी जिम्मेदारियां होती हैं। भाषण के दौरान अपने बेटे आकाश का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पत्रों में संध्या के वार्ड का नाम सबसे पहले आता है। इसी बीच मंच पर संध्या यादव के बगल में बैठे भाजपा नेता मयंक पर उनकी नजर गई, जिन्हें मजाकिया लहजे में टोकते हुए विजयवर्गीय के मुंह से 'संध्या दीदी की भी चौड़ाई थोड़ी बढ़ गई' जैसे शब्द निकल गए थे। वीडियो के वायरल होते ही शुरू हुए राजनीतिक घमासान पर अब दोनों पक्षों के बयानों और खेद प्रकट करने के बाद विराम लगाने की कोशिश की जा रही है।




